Tuesday, 5 January 2010


title - a thought inside the land scape

size - 17 inch x 29 inch

media - oil

painting by dr jsb naidu

05 जनवरी 2010 । मंगलवार । किसी भी हल्की सोच को प्रश्रय देने का परिणाम शायद पानी में तैरते उस पत्ते की तरह है जिसकी प्रकृति हल्की होने के कारण वह पानी के उपर तैरता रहता है और किसी को भी आसानी से दिख जाता है .. फिर एक समय ऐसा प्रारंभ होता है कि जब वह सढ़ना शुरू होता है । यह वह स्थिति है जब वह पानी को दूषित कर देता है । इसके ठीक विपरीत किसी भारी चीज की होती है .. जिसकी फितरत होती है गहराई में डूब जाना .. । प्रकृति के ऐसे कई उदाहरण हैं जिनको हम शायद अनदेखा कर जाते हैं लेकिन वे प्रेरणादायक व मार्गदर्शक हो सकते हैं । दरअसल मुफ्त में उपलब्ध इन स्थितियों को हम ध्यान नहीं दे पाते हैं और इसकी वजह शायद प्रीआकूपाइड माइन्ड या फिर और कोई भी कारण हो सकता है .. जो आप जैसे विद्वान समझ सकते हैं .. । - डा. जेएसबी नायडू

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