Wednesday, 27 January 2010

27 जनवरी 2010 । बुधवार ।

यह काफी दिन पहले की बात है । किसी शीर्ष ने मुझसे कहा कि उसे अपनी ऊंचांई पर नाज़ है .. और उसने आगे कहा कि उसके इस फख़्र में वह पूरी शिद्दत से पहली सीढ़ी को भी शामिल करता है .. । मैंने सुना और उससे कहा कि उसकी यह सोच उसे इस उंचांई पर लेकर जायेगी जहां से आज या वतर्मान बौना दिखाई देगा । .. और मेरा यकीन मानिये कि मेरी तब की कही हुई वह बात आज हकीकत के रूप में मेरे सामने है । यह तो वक्त की जरूरत है कि मैं उस शीर्ष का उल्लेख नहीं कर सकता लेकिन इस बात से आपको अवगत कराना अपना कर्तव्य समझता हूं .. ।

- जेएसबी

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