Tuesday, 27 July 2010

कल किसी ने कहा ..

कोई किसी से कह रहा था .. मैं सुन रहा था ..
Just by the superficial observation .. one must not form any opinion .. as one may loose the opportunity given by GOD ..
कोई दूसरा भी .. जो वहीं था .. सुन रहा था .. उसने कहा -
एक कहानी सुना था .. बचपन में - रास्ते में पड़े पत्थर से हर कोई टकरा रहा था लेकिन किसी ने भी उस पत्थर को उठाकर किनारे करने का प्रयास नहीं किया .. उस पत्थर के नीचे किसी ने अशर्फियां दबाकर रख दी थी ..
सुनकर .. मैं सोच रहा था ..

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